Saturday, January 17, 2009

एक और दामिनी

दामिनी सिर्फ मुंबईया फिल्‍म की एक पात्र ही नहीं बल्कि आज के समाज की कड़वी हकीकत है। ऐसी ही एक गैंग रेप की शिकार युवती एक बार फिर अपने ससुरालियों से छली गई। इस दामिनी के ससुरालियों ने उसकी अस्‍मत लूटने वालों से ही सत्‍तरह लाख रूपये में अस्‍मत का सौदा कर लिया। अब मेरठ की ये दामिनी दोराहे पर खड़ी है और अपनी अस्‍मत लूटने वालों को हर हालत में कानून से सजा दिलाना चा‍हती है। उसने ससुराल की दहलीज लांघ दी है और इंसाफ के लिए हुक्‍मरानों की दहलीज पर फरियाद की है। देखना है कि इस दामिनी को इंसाफ मिलता है या ये व्‍यवस्‍था के नक्‍कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह जाती है।
गैंग रेप की शिकार एक युवती की बेबसी अब आंखों से झर-झर बहने लगी है। ये वही युवती है जिसके साथ करीब दो साल पहले मेरठ के एक नामी-गिरामी नर्सिंग होम में सामुहिक दुराचार हुआ था। जिस नर्सिंग होम में वह अपनी जीवन रक्षा के लिए आईसीयू में भर्ती थी, वहीं के रक्षकों ने इस युवती की इज्‍जत को तार-तार कर दिया था। इस घटना से गुस्‍साई जनता ने नर्सिंग होम में जमकर उत्‍पात मचाया था और बाद में नर्सिंग होम सील कर दिया गया था। तब से आज तक ये युवती इंसाफ के लिए लड़ रही है लेकिन अब फिर एक बार ये छली गई है। तब रक्षकों ने इस युवती की इज्‍जत तार-तार की थी और अब इस युवती के उन अपनों ने इसकी अस्‍मत का सौदा किया है जो इसे अपनी बहु बनाकर ले गए थे। फर्क इतना है कि जीवन रक्षकों को इस युवती की अस्‍मत लूटने के लिए नशे का इंजेक्‍शन देना पड़ा था और ससुरालियों ने इसके होशोहवास में इसकी अस्‍मत की कीमत लगाई सत्‍तरह लाख रूपये। जी हां! सत्‍तरह लाख रूपये में दुराचारियों से अपनी गृहलक्ष्‍मी की अस्‍मत का सौदा करने वाले पति परमेश्‍वर और ससुरालिए इस युवती को घर से इसलिए धक्‍का दे चुके हैं क्‍योंकि ये हर हाल में दुराचारियों को सलाखों के पीछे देखना चाहती है।
नर्सिंग होम की शिकार युवती और उसके परिजनों को क्‍या मालूम था कि जो परिवार इस हादसे के बाद देवतुल्‍य होकर आएगा, वही बाद में पिशाच यौनि में तब्‍दील होकर सामने खड़ा मिलेगा। निधि की शादी हापुड़ के शैलजा बिहार के सुमित से बीती 15 फरवरी को हुई थी और शादी के वक्‍त दूल्‍हे राजा ने वचन दिया था कि कभी भी वह निधि को उस हादसे की याद नहीं दिलाएगा। कभी उसे प्रताडि़त नहीं करेगा लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही उसे जलील किया जाने लगा। उस पर दबाव बनाया जाने लगा कि वह मायके से पांच लाख रूपये लेकर आए जबकि निधि के घरवालों ने शादी में अपनी हैसियत से अधिक दस लाख रूपया खर्च किया था। इसी बीच सुमित और उसके घरवालों ने निधि के दुराचारियों से सत्‍तरह लाख रूपये में उसकी अस्‍मत का सौदा कर लिया और निधि से दुराचारियों को अदालत में क्‍लीन चिट देने को कहा तो वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। दुराचारियों के बाद अपने ही ससुरालियों के अत्‍याचारों की शिकार युवती अब दुराचारियों के साथ-साथ अत्‍याचारी पति और ससुरालियों के खिलाफ भी उठ खड़ी हुई है। उसने मेरठ के आला अफसरों के यहां गुहार लगाकर इंसाफ दिलाने की मांग की है। फिलहाल निधि के चार दुराचारियों में से दो जेल में है जबकि षड्यंत्र में शामिल दो लोगों को जमानत मिल गई है और अदालत में निधि के बयान हो चुके हैं। देखना है कि इतने दबावों के बीच निधि की जंग का क्‍या परिणाम निकलता है और आला अफसरों के सामने लगाई गई गुहार आरोपियों और ससुरालियों पर कितनी लगाम लगा पाती है।

18 comments:

PN Subramanian said...

हर बात पर हो हल्ला करने वाली मीडिया कहाँ गई? दुर्भाग्यपूर्ण है. दामिनी की व्यथा की जानकारी के लिए आभार.

sanjeev said...

दुराचारियों से पहले ससुरालियों को सजा मिलनी चाहिए।

आशुतोष दुबे "सादिक" said...

aap ne bilkul thick likha hai,samaj ki yahi kahani hai.

सुप्रतिम बनर्जी said...

पोस्ट पढ़ कर मन पीड़ित लड़की के लिए संवेदनाओं से भर गया। और हां, हर बात पर मीडिया को कोसनेवाले (सुब्रमण्यन) भी ठीक नहीं लगे।

डॉ .अनुराग said...

जी हाँ दुखद है ,आज सुबह अख़बार में पढ़ा ओर मानव मन की लालची लिप्सा को सोच कर मन कड़वा हो गया .....शायद अब हमारे समाज को अब किसी ऐसी मशीन की जरुरत है जो.....आत्मा पर लगी इस धूल को हटाये

Nirmla Kapila said...

kyaa kiyaa jaaye is smaaj kaa bahut durbhagyapooran hai

Irshad said...

कितना अच्छा है कि आपने ब्लाग के माध्यम से इस घटना को लोगो के सामने लाकर दिखाया है। अखबार भले ही अपना काम करें। लेकिन स्थानिय स्तर पर जब ब्लाग इस तरह सबके सामने खबर लेकर आएगे। तब हम सच में एक बेहतर हिन्दी मीडया विकल्प को पेश कर रहे होगें।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत घिनोनी हरकत हैं ये. कानून भी हैं, सब कुछ हैं. पर जब तक हम खुद यानि समाज चाहेगा तब तक ये जुल्म सहने को बाध्य होते रहना पडेगा. वही लडकी कहीं बेटी है, कहीं बहू है और वो ही सास है. हम जब कोई घटना हमारे आस पास होती है तब उस पर व्यथित हो लेते हैं.

कुछ ठोस उपाय मे दोषियों को समय रहते सजा दी जानी चाहिये.

बहुत व्यथित कर गई यह घटना.

रामराम.

राज भाटिय़ा said...

दुराचारियों का साथ देने वाला भी उतने ही पाप का हक दार होता है, इस लिये इस के ससूराल वालो को सजा मिलनी चाहिये.
आज हर तरफ़ ऎसी ही खबरे सुनने को मिलती है, किस ओर जा रहा है यह समाज..
धन्यवाद

प्रदीप मानोरिया said...

यथार्थ और सटीक चिंतन

महेंद्र मिश्रा said...

बेहद दुखद

Manvinder said...

ऋचा ,
आपने मेरे मन की बात छीन ली....कल जब जब न्यूज़ रूम मई इस ख़बर पर चर्चा हो रही थी तो मन बहुत खिन्न हो रहा था....मेरे विचार से महिलाओं को ही अपने लिए आगे आना चाहिए......तभी उसे घर और बाहर सन्मान मिलेगा......अच्छी पोस्ट के लिए बधाई

अशोक मधुप said...

बहुत शर्मनाक घटना।

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" said...

बेहद संवेदन शील मुद्दे पर बात कहने के लिए , आपका आभार
-विजय

अनूप शुक्ल said...

बेहद शर्मनाक, दुखद!

Sonia Sharma said...

mujhe to lagta hai ki us ladke ne nidhi se shadihi isliye ki ho. ho sakta hai ki ladke ne un logo se baat karke nidhi ka souda kiya ho ki wo un logo ko is case se free ker dega nidhi se shadi karke and badle mein use paise chahiye honge un logo se jisne nidhi ke saath aisa kiya.
is condition me court ko result sath ke sath suna dena chahiye and un logo ko fansi ki saza de deni chahiye. and uske pati ko umar bhar kaid.
aaj k time me koi bhi kuch bhi ker sakta hai kyunki sarkar strict action nahi leti.

apoorva said...

Hari Bhai , meerut ke is samachar ne yek baar phir bhartiya nari ki dasha aur desha par prashchinh laga diya hai.

aap ka blog accha hai, jaankari ke liye dhanyavad.

apoorva joshi

विनीता यशस्वी said...

Afsosas jank ghatna.

तकनीकी सहयोग- शैलेश भारतवासी

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